हार्ट में क्लॉटिंग (खून के थक्के जमने) के 5 कारण, एक्सपर्ट से जानें इसके लक्षण और इलाज
हार्ट में क्लॉटिंग (खून के थक्के जमने) एक दुर्लभ समस्या है, एक्सपर्ट से जानें दिल में खून का थक्का जमने के कारण, लक्षण और इलाज।
दिल में खून के थक्कों का निर्माण (Blood Clotting in Heart)
आमतौर पर शरीर में सबसे ज्यादा खून के थक्के बनने की समस्या पैरों की नसों में होती है। लेकिन कुछ कारणों से दिल यानि हार्ट में भी खून के थक्कों का निर्माण हो सकता है। हालांकि दिल में खून के थक्के बनने की स्थिति बहुत ही दुर्लभ है, बहुत कम लोगों में यह समस्या देखी जाती है। दिल में खून का थक्का बनने की समस्या में खून का प्रवाह रुक जाता है और इसकी वजह से मरीज को दिल का दौरा जैसी घातक स्थिति का सामना करना पड़ता है। दिल की धमनियों में ब्लड क्लॉटिंग होने से मरीज के शरीर का ब्लड सर्कुलेशन भी रुक सकता है और इसके गभीर होने पर मरीज की जान भी जा सकती है।
हार्ट में ब्लड क्लॉटिंग के कारण (Blood Clotting in Heart Causes)
हालांकि दिल में खून के थक्के जमने की घटना बहुत ही दुर्लभ होती है इसलिए अभी इसके सही कारण का पता भी नहीं चल पाया है। लेकिन कुछ लोगों में यह समस्या दिल से जुड़ी पुरानी बीमारी और खानपान की वजह से भी होती है। दिल में खून का थक्का जमने के कारण इस प्रकार हैं।
1. लगातार बैठकर काम करना।
2. अधिक धूम्रपान।
3. दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों में।
4. हॉर्मोन असंतुलन के कारण।
5. वैरिकॉज वेन्स (कुछ मामलों में)
दिल में खून का थक्का जमने के लक्षण (Blood Clotting in Heart Symptoms)
खून के थक्के बनने की समस्या कई कारणों से होती है और गंभीर होने पर यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है। दिल या फेफड़ों में खून का थक्का बनने की समस्या में मरीज में कई तरह के लक्षण देखे जाते हैं। ज्यादातर मामलों में दिल में खून का थक्का बनने की वजह से हार्ट अटैक की समस्या होती है। एक्सपर्ट के मुताबिक दिल में खून के थक्के बनने पर ये लक्षण देखे जा सकते हैं।
- सीने में दर्द।
- सांस लेनें में तकलीफ।
- बांह, पीठ और गर्दन आदि में दर्द।
- हार्ट अटैक।
- मस्तिष्क पर असर जैसे भम्र और समझने में परेशानी।
- अचानक चक्कर आना।
- चलने में समस्या।
- संतुलन में नुकसान।
- बिना कारण के अचानक तेज सिरदर्द।
हार्ट में क्लॉटिंग (खून के थक्के जमने) का इलाज (Blood Clotting in Heart Treatment)
हार्ट में खून के थक्के जमने की समस्या में लक्षण दिखने के बाद तुरंत इलाज की जरूरत होती है। चिकित्सक इस समस्या में मरीज की स्थिति और खून के थक्के के अनुसार जांच के बाद इलाज करते हैं। दिल से जुड़ी गंभीर बीमारी और हार्ट डिजीज की फैमिली हिस्ट्री होने पर इस समस्या का इलाज अलग तरीके से भी किया जाता है। प्रारंभिक स्थिति में आपके खून में मौजूद प्लेटलेट्स और खून के बारे में विस्तृत जांच की जाती है। इसके बाद कुछ दवाओं से भी यह समस्या ठीक हो सकती है। जिन लोगों में यह समस्या गंभीर रूप ले लेती है उन्हें सर्जरी की भी आवश्यकता पड़ सकती है।



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